करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
अता कर तू शान-ए-करीमी का सदक़ा
अता कर दे शान-ए-रहीमी का सदक़ा
न माँगूँगा तुझ से तो माँगूँगा किस से
तेरा हूँ मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
जो मुफ़्लिस हैं उन को तू दौलत अता कर
जो बीमार हैं उन को सेहत अता कर
मरीज़ों की ख़ातिर शिफ़ा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
मेरी जो बहन भी कुँवारी है मौला
उसे नेक रिश्ता अता कर दे मौला
मैं सदक़ा-ए-ज़हरा सदा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
जो नादार हैं कुछ नहीं जिन के पल्ले
उन्हें भी दिखा दे हरम के तू जल्वे
हुज़ूरी हो सब की दुआ माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
वतन के भड़कते शरारे बुझा दे
इसे फिर उख़ुव्वत का गुलशन बना दे
मैं अम्न-ओ-अमाँ की रिदा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
इलाही तुझे वास्ता पंज-तन का
हो शादाब ग़ुंचा दिलों के चमन का
मैं सदक़ा-ए-ग़ौस-उल-वरा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ।
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